- बाह्य परिवेश और
- आंतरिक परिवेश।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न1. Decision Making Theory in Hindi क्या है?
उत्तर: निर्णय निर्माण सिद्धांत (Decision-Making Theory) एक ऐसा दृष्टिकोण है,
जो यह समझने पर केंद्रित है कि नीति-निर्माता (Policy Makers) किस प्रकार परिस्थितियों का विश्लेषण करके निर्णय लेते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, सार्वजनिक प्रशासन, प्रबंधन और राजनीतिक विज्ञान में इसका व्यापक उपयोग होता है।
प्रश्न2. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में Decision-Making Theory का महत्व क्या है?
उत्तर: अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Relations) में निर्णय निर्माण सिद्धांत देशों की Foreign Policy और कूटनीतिक रणनीतियों को समझने में मदद करता है।
यह बताता है कि विभिन्न परिस्थितियों में नेता कैसे निर्णय लेते हैं और इसका वैश्विक संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
प्रश्न3. Decision-Making Theory किसने दी?
उत्तर: Decision-Making Theory को विकसित करने में मुख्य योगदान Richard Snyder, H.W. Bruck, Burton Sapin और Herbert Simon का है।
Snyder मॉडल ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि Herbert Simon ने Administrative Behavior और Bounded Rationality की अवधारणा दी।
प्रश्न4. Richard Snyder का Decision-Making Theory मॉडल क्या है?
उत्तर: Richard Snyder के अनुसार, राज्य (State) को एक निर्णय-निर्माता (Decision-Maker) के रूप में देखा जाना चाहिए।
इस मॉडल में, नीति बनाने वाले अधिकारी परिस्थितियों, सूचनाओं और अपेक्षाओं के आधार पर निर्णय लेते हैं।
यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय राजनीति और foreign policy के अध्ययन में बहुत उपयोगी है।
प्रश्न5. Herbert Simon का Decision-Making Theory क्या है?
उत्तर: Herbert Simon ने निर्णय निर्माण सिद्धांत में Bounded Rationality की अवधारणा दी।
उन्होंने कहा कि निर्णयकर्ता (Decision Makers) हमेशा संपूर्ण तार्किक निर्णय नहीं ले सकते,
बल्कि वे सीमित जानकारी, संसाधन और समय के आधार पर निर्णय लेते हैं।
उनकी पुस्तक Administrative Behavior इस सिद्धांत की नींव है।
प्रश्न6. Decision-Making Theory in Political Science में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: राजनीतिक विज्ञान (Political Science) में निर्णय निर्माण सिद्धांत यह समझने में मदद करती है कि
सरकारी संस्थाएँ, नेता और नीति-निर्माता कैसे निर्णय लेते हैं।
यह foreign policy, public administration, और governance के विश्लेषण में बहुत उपयोगी है।
प्रश्न7. Decision-Making Process के मुख्य चरण क्या हैं?
उत्तर: निर्णय निर्माण प्रक्रिया में आमतौर पर निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
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समस्या की पहचान
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सूचनाओं का संग्रह
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संभावित विकल्पों का मूल्यांकन
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सर्वोत्तम निर्णय का चयन
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निर्णय का कार्यान्वयन और मूल्यांकन
प्रश्न8. Decision-Making Theory in International Relations UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: UPSC, UGC NET और अन्य परीक्षाओं में Decision-Making Theory का अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्व अक्सर पूछा जाता है।
यह foreign policy, international conflicts और global relations की समझ को गहरा बनाता है,
इसलिए यह IAS, PCS और Political Science के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है।
प्रश्न9. निर्णय निर्माण के विभिन्न मॉडलों का विवेचन कीजिए।
उत्तर: निर्णय निर्माण सिद्धांत के अंतर्गत कई मॉडल्स आते हैं, जैसे:
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Rational Actor Model → तार्किक निर्णय प्रक्रिया
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Bureaucratic Politics Model → संस्थागत स्तर पर निर्णय
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Organizational Process Model → संगठनों के भीतर निर्णय
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Cognitive Model → सोच और समझ पर आधारित निर्णय
ये मॉडल foreign policy और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन में उपयोगी हैं।
प्रश्न10. Decision-Making Theory in Public Administration में कैसे लागू होती है?
उत्तर: Public Administration में Decision-Making Theory यह समझने में मदद करती है कि
सरकारी अधिकारी नीतियों, योजनाओं और बजट संबंधी फैसले कैसे लेते हैं।
यह विशेष रूप से Herbert Simon के bounded rationality मॉडल पर आधारित है।
