भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम - 1947 में भारत को दो स्वतंत्र अधिराज्योंं
भारत और
पाकिस्तान नामक राष्ट्र के नाम से
विभाजित कर दिया गया। साथ-ही-साथ यह अधिकार दिया गया कि देशी रियासतें उक्त दोनों अधिराज्योंं में से किसी एक में शामिल हो सकते हैं या चाहे तो देशी रियासतें अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रख सकते हैं। जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन शासक
महाराजा हरि सिंह थे। उस वक्त हरि सिंह ने निर्णय लिया कि जम्मू और कश्मीर न भारत के साथ जाएगा और न ही पाकिस्तान के साथ। जम्मू और कश्मीर अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखेगा।
लेकिन इसी दौरान पाकिस्तान समर्थित कबाइली गुट 'आजाद कश्मीर सेना' ने कश्मीर पर अचानक हमला कर दिया। इस कबाइली हमले के कारण कश्मीर में काफी क्षति हुई और हत्याएं भी हुई। तब महाराजा हरि सिंह किमकर्तव्यविमूढ़ हो गये। अन्ततः भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से सहायता की मांग की। पंडित नेहरू ने महाराजा हरि सिंह के समक्ष तीन शर्तें रखी और कहा कि ये शर्ते मान लेंगे तो भारत आपकी मदद करेगा। महाराजा हरी सिंह ने पंडित नेहरू की शर्तें मान ली। ये शर्तें थी - रक्षा, विदेशी मामले और संचार व्यवस्था। इन तीनों मामलों में भारत सरकार का निर्णय मान्य होना था। जिसे महाराजा ने बिना देर किए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
इस आकस्मिक स्थित मेंं महाराजा और नेहरू के बीच एक समझौता हुआ कि जम्मू और कश्मीर को भारत में विलय करा दिया जाए और ऐसा ही हुआ। 20 अक्टूबर, 1947 को कबाइलियों द्वारा हमला हुआ और 26 अक्टूबर, 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर करके जम्मू और कश्मीर को भारत में विलय करा दिया गया।
उस समय भारत सरकार ने आश्वासन दिया कि जम्मू और कश्मीर राज्य के लोग अपने स्वयं के लिए संविधान बनाएंगे और इस राज्य के आंतरिक संविधान तथा राज्य पर भारतीय संघ के अधिकार क्षेत्र की प्रकृति तथा प्रसार को निर्धारित करेंगे। यह भी प्रावधान किया गया कि राज्य विधानसभा के निर्णय तक भारत का संविधान राज्य के संबंध में केवल अंतरिम व्यवस्था ही कर सकता है। इस आश्वासन के फलस्वरुप, भारत के संविधान में अनुच्छेद-370 को जोड़ा गया। साथ ही यह भी कहा गया कि जम्मू और कश्मीर से संबंधित उपबंध केवल अस्थाई है, स्थाई नहीं हैंं। इस अनुच्छेद-370 को 17 नवंबर, 1952 से प्रभावी बनाया गया। 35(ए) को तो तत्कालीन राष्ट्रपति के एक नोटिफिकेशन के माध्यम से जोड़ा गया। यह मूल संविधान के किसी भी भाग में नहीं जोड़ा गया था। 35(ए) राष्ट्रपति के एक नोटिफिकेशन से जोड़ा गया था और और राष्ट्रपति के आदेश से ही इसे निरस्त भी किया गया जा सकता था
उक्त उपबंध अस्थाई था और 35(ए) को राष्ट्रपति के आदेश से निरस्त भी होना था। इसी दोनों प्रावधानों को आधार बनाकर वर्तमान सरकार जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद-370 और 35(ए) को निरस्त कर दिया हैं।
जम्मू और कश्मीर का विशेष और अस्थाई स्वरूप -
जम्मू और कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न अंग है। भारत के संविधान में इस राज्य को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक स्वतंत्रता दी गई है। इसकी स्वतंत्रता व स्वायत्तता प्रदान करने के लिए भारतीय संविधान के भाग-21 के अंदर अनुच्छेद-370 जोड़ा गया था। अनुच्छेद-370 जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष और अस्थाई स्वरूप प्रदान करता था। भारतीय संघ में शामिल जम्मू और कश्मीर एकमात्र राज्य था। जिसका अपना अलग संविधान था। इसे जम्मू और कश्मीर के संविधान के नाम से जाना जाता था। 1 मार्च, 1949 को इस राज्य के लिए संविधान सभा के गठन के लिए घोषणा की गई। इसमें 75 सदस्य शामिल थे। ये संविधान सभा के लिए इस राज्य की जनसंख्या के आधार पर जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हुए थे। 31 अक्टूबर, 1951 को संविधान सभा का गठन हुआ। अब पहले से चली आ रही वंशानुगत रियासत के प्रमुख के पद को नवंबर 1955 में एक अधिनियम द्वारा समाप्त कर दिया गया था। वंशानुगत प्रमुख के स्थान पर अब राज्य का प्रमुख निर्वाचित 'सदर-ए- रियासत' बनाया गया था। 10 फरवरी, 1954 को इस राज्य के संविधान सभा द्वारा रियासत को भारतीय संघ में विलय को स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। अक्टूबर, 1956 में संविधान सभा ने राज्य के लिए स्थाई संविधान बनाने के लिए कई समितियों को गठित किया गया था। जिसमें एक प्रारूप समिति भी गठित की गई थी। यही प्रारूप समिति संविधान का प्रारूप तैयार की थी। इस तैयार संविधान के प्रारूप पर काफी विचार-विमर्श के बाद 17 अक्टूबर, 1956 को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया गया था। इसे 26 जनवरी, 1957 को पूरे राज्य में लागू कर दिया गया था। जम्मू और कश्मीर का संविधान तैयार करने में पाँच वर्ष लगे थे।
26 जनवरी, 1957 में लागू किए गए संविधान में 13 भाग, 150 अनुच्छेद तथा 7 अनुसूचियां थी। यह जम्मू और कश्मीर का संविधान स्वयं घोषित किया था। कि जम्मू और कश्मीर भारत संघ का अभिन्न अंग है। जम्मू और कश्मीर रियासत उन सभी क्षेत्रों को मिलाकर बना है जो 15 अगस्त, 1947 को इस रियासत के जितने क्षेत्र पर इस राज्य के शासक का शासन था। आज का पाक-अधिकृत कश्मीर (POK) भी उस समय इसी शासक के अधीन था। अतः पाक-अधिकृत कश्मीर भी भारत संघ का अभिन्न अंग है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय कब हुआ?
उत्तर: 26 अक्टूबर, 1947 को जम्मू और कश्मीर का भारत में विलय हुआ, जब महाराजा हरि सिंह ने विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए।
प्रश्न 2: अनुच्छेद 370 को कब हटाया गया?
उत्तर: अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त, 2019 को भारत सरकार द्वारा निरस्त कर दिया गया।
प्रश्न 3: जम्मू और कश्मीर का अपना संविधान कब लागू हुआ था?
उत्तर: जम्मू और कश्मीर का संविधान 26 जनवरी, 1957 को लागू हुआ। (अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, जम्मू और कश्मीर का अलग संविधान अब प्रभावी नहीं है।)
प्रश्न 4: अनुच्छेद 35A क्या था?
उत्तर: अनुच्छेद 35A भारत के संविधान में 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से जोड़ा गया एक प्रावधान था। यह जम्मू और कश्मीर विधानमंडल को राज्य के "स्थायी निवासियों" को परिभाषित करने और उन्हें विशेष अधिकार देने की शक्ति प्रदान करता था, जैसे संपत्ति खरीदने, सरकारी नौकरियों, और अन्य सुविधाओं में प्राथमिकता। इसे 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के साथ निरस्त कर दिया गया।
प्रश्न 5: वर्तमान में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री कौन हैं?
उत्तर: वर्तमान में जम्मू और कश्मीर में कोई मुख्यमंत्री नहीं है, क्योंकि यह केंद्र शासित प्रदेश है। प्रशासन की जिम्मेदारी उपराज्यपाल के पास है, और वर्तमान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हैं (जुलाई 2025 तक)। हालांकि, हाल के विधानसभा चुनाव (2024) के बाद, उमर अब्दुल्ला 16 अक्टूबर, 2024 को जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री बने हैं।
प्रश्न 6: जम्मू और कश्मीर की राजधानी कहाँ है?
उत्तर: जम्मू और कश्मीर की दो राजधानी हैं:
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गर्मियों में: श्रीनगर
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सर्दियों में: जम्मू
(यह व्यवस्था केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी बनी हुई है।)
प्रश्न 7: जम्मू और कश्मीर में कुल कितने जिले हैं?
उत्तर: वर्तमान में (2024-2025 तक) जम्मू और कश्मीर में कुल 20 जिले हैं:
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जम्मू संभाग में: 10 जिले (जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, पुंछ)
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कश्मीर संभाग में: 10 जिले (श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा)
प्रश्न 8: जम्मू-कश्मीर में कितने हिंदू हैं?
उत्तर: 2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू और कश्मीर की कुल आबादी का लगभग 28.44% हिंदू हैं। जम्मू क्षेत्र में हिंदू आबादी का प्रतिशत अधिक है। 2021 की जनगणना डेटा अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए नवीनतम आधिकारिक आँकड़े 2011 के हैं।
प्रश्न 9: जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम आबादी कितनी है?
उत्तर: 2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू और कश्मीर की कुल आबादी का लगभग 68.31% मुस्लिम हैं। कश्मीर घाटी में मुस्लिम आबादी का अनुपात अधिक है। 2021 की जनगणना डेटा अभी तक उपलब्ध नहीं है।
प्रश्न 10: जम्मू और कश्मीर में किसकी सरकार है?
उत्तर: 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद, जम्मू और कश्मीर में एक निर्वाचित सरकार है, जिसका नेतृत्व उमर अब्दुल्ला कर रहे हैं।
Sahi h sir
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