26 नवंबर, 1949 को पारित और 26 जनवरी, 1950 से लागू संविधान के लिए यह स्वाभाविक ही था कि वह संसार के सभी देशों के संविधानों की अच्छी बातों को अपने में शामिल कर लेता। डॉ॰ एम॰ पी॰ शर्मा ने कहा है कि "हमारे संविधान निर्माता को प्रयोजन एक मौलिक और अनूठा (unique) संविधान बनाना नहीं था। वे तो एक अच्छा और व्यवहारिक संविधान बनाना चाहते थे। अतः उन्होंने संसार के अनेक देशों के संविधानों की श्रेष्ठ बातों को लेना उचित समझा।" इस प्रकार भारतीय संविधान ने अनेक स्रोतों से सहायता ली हैं।
भारतीय संविधान के प्रमुख स्रोत (Main sources of Indian Constitution) -
1. ब्रिटिश संविधान से -
- सरकार का संसदीय स्वरूप,
- कानून का शासन,
- कानून निर्माण की विधि,
- लोक सभा के अध्यक्ष पद एवं उनकी भूमिका,
- सर्वाधिक मत के आधार पर चुनाव में जीत का निर्णय।
2. कनाडा के संविधान से -
- एक अर्ध-संघात्मक सरकार का स्वरूप,
- सशक्त केंद्रीय सरकार वाली संघात्मक व्यवस्था,
- अविशिष्ट अधिकार केंद्र सरकार को दिया गया है।
3. फ्रांस के संविधान से -
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का सिद्धांत।
4. जर्मनी (वाइमर) के सिद्धांत से -
- राष्ट्रपति का आपातकालीन अधिकार लिया गया हैं।
5. अमेरिका के संविधान से -
- मौलिक अधिकारों की सूची,
- सर्वोच्च न्यायालय, न्यायालय की स्वतंत्रता तथा न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार लिया गया हैं।
6. आयरलैंड के संविधान से -
- राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों की व्यवस्था,
- राज्यसभा तथा राज्य विधान परिषद में महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का मनोनयन।
7. ऑस्ट्रेलिया के संविधान से -
- समवर्ती सूची का सिद्धांत।
8. दक्षिण अफ्रीका के संविधान से -
- संविधान संशोधन पद्धती।
9. 1935 के भारत सरकार अधिनियम से -
संविधान के अन्य स्रोत (Other source of the constitution) -
उपर्युक्त स्रोतों के अलावे कुछ अन्य स्रोत भी हैं जिसे हम निम्नलिखित रुप में अध्ययन करेंगे-
1. अभिसमय और प्रथाएंँ (Conventions and usages) -
2. संविधान सभा की कार्यवाही (Constituent assembly debates) -
3. न्यायिक निर्णय (Judicial decision) -
4. संवैधानिक विशेषज्ञों के विचार (Views of Jurists) -
5. संविधान के संशोधन (Amendments of the constitution) -
इस के संदर्भ में- 👇
भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न1: भारत के संविधान के अधिकार का स्रोत क्या है?
उत्तर: भारत के संविधान के अधिकार का मुख्य स्रोत जनता है क्योंकि संप्रभुता जनता में निहित है।
प्रश्न2: भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत कौन सा है?
उत्तर: भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत भारत सरकार अधिनियम 1935 है।
प्रश्न3: भारतीय संविधान की विशेषताएँ व स्त्रोत क्या हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के स्त्रोतों में ब्रिटिश, अमेरिकी, कनाडाई, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत सरकार अधिनियम 1935 शामिल हैं।
प्रश्न4: भारतीय संविधान के प्रस्तावना का स्रोत क्या है?
उत्तर: भारतीय संविधान की प्रस्तावना का मुख्य स्रोत अमेरिकी संविधान की प्रस्तावना है, जिससे प्रेरणा लेकर हमारी प्रस्तावना बनाई गई।
प्रश्न5: भारतीय संविधान के स्रोत कितने हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के लगभग 10 प्रमुख स्रोत हैं, जिनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और भारत सरकार अधिनियम 1935 शामिल हैं।
प्रश्न6: भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत क्या हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के विदेशी स्रोतों में शामिल हैं —
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ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली
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अमेरिका से मौलिक अधिकार
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कनाडा से संघीय ढांचा
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आयरलैंड से नीतिगत निर्देशक तत्व (DPSP)
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फ्रांस से गणराज्य प्रणाली
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जर्मनी से आपातकालीन प्रावधान
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ऑस्ट्रेलिया से संयुक्त सूची (Concurrent List)
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दक्षिण अफ्रीका से संविधान संशोधन की प्रक्रिया
प्रश्न7: Sources of Indian Constitution in Hindi क्या हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के Sources में ब्रिटिश, अमेरिकी, कनाडाई, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और भारत सरकार अधिनियम 1935 शामिल हैं।
प्रश्न8: Basic Features of Indian Constitution in Hindi क्या हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएँ हैं —
संघीय ढांचा, संसदीय शासन, मौलिक अधिकार, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, और धर्मनिरपेक्षता।
प्रश्न9: भारतीय संविधान के 5 मुख्य स्रोत कौन से हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के 5 मुख्य स्रोत हैं —
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ब्रिटिश संसदीय प्रणाली
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अमेरिकी मौलिक अधिकार
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कनाडाई संघीय ढांचा
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आयरलैंड की निदेशक नीतियाँ
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भारत सरकार अधिनियम 1935
प्रश्न10: bhartiya samvidhan ke videshi srot क्या हैं?
उत्तर: bhartiya samvidhan ke videshi srot में ब्रिटिश संसद प्रणाली, अमेरिकी मौलिक अधिकार, कनाडाई संघीय ढांचा, आयरलैंड की निदेशक सिद्धांत, और फ्रांस की स्वतंत्रता की अवधारणा शामिल हैं।
